International • October 10, 2026 • By Saloni Shiva

8 अवैध कॉल सेंटरों पर छापा, 320 गिरफ्तार; 12 चीनी समेत 21 विदेशी पकड़े गए

Pakistan Cyber Crime
Pakistan Cyber Crime: पाकिस्तान में ऑनलाइन ठगी और साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई हुई है। पाकिस्तान की नेशनल साइबर क्राइम इन्वेस्टिगेशन एजेंसी यानी NCCIA ने लाहौर में आठ अवैध कॉल सेंटरों पर छापेमारी की है। इस कार्रवाई में कुल 320 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार लोगों में 21 विदेशी नागरिक और 20 महिलाएं भी शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि इन कॉल सेंटरों से कथित तौर पर ऑनलाइन ठगी, लोगों को परेशान करने और हनी-ट्रैप जैसे काम किए जा रहे थे।

12 चीनी और 5 फिलीपीनी नागरिक गिरफ्तार

NCCIA के एडिशनल डायरेक्टर आतिफ अमीर ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार किए गए विदेशी नागरिकों में 12 चीनी, पांच फिलीपीनी, दो वियतनामी, एक मलेशियाई और एक नेपाली नागरिक शामिल हैं। एजेंसी ने इस हफ्ते संगठित साइबर अपराध के खिलाफ अभियान चलाया था, जिसके तहत इन कॉल सेंटरों पर छापे मारे गए।युवतियों को काम पर रखकर हनी-ट्रैप का आरोप

युवतियों को काम पर रखकर हनी-ट्रैप का आरोप

इस मामले में सबसे चौंकाने वाला खुलासा हनी-ट्रैपिंग को लेकर हुआ है। अधिकारियों के मुताबिक, मामले के मुख्य संदिग्धों ने सोशल मीडिया के जरिए लोगों को अपने जाल में फंसाने के लिए 20 युवतियों को काम पर रखा था। हनी-ट्रैप में लोगों को प्यार या निजी बातचीत के बहाने फंसाकर उनसे पैसे ऐंठने या ब्लैकमेल करने की कोशिश की जाती है।

अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा के लोगों को भी बनाया निशाना

अधिकारियों का दावा है कि गिरफ्तार लोगों में 100 से ज्यादा ऐसे संदिग्ध हैं, जो कथित तौर पर ब्रिटेन, अमेरिका और कनाडा के लोगों के साथ वित्तीय धोखाधड़ी कर रहे थे। हालांकि, इन सभी आरोपों की पुष्टि जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी।

AI की मदद से साइबर अपराध पर लगेगी लगाम

NCCIA अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI से जुड़े संस्थानों के साथ मिलकर साइबर अपराधों की जांच को मजबूत करने पर काम कर रही है। छापेमारी में मिले मोबाइल, कंप्यूटर और दूसरे डिजिटल उपकरणों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। आरोपियों के खिलाफ पाकिस्तान के इलेक्ट्रॉनिक अपराध रोकथाम कानून, 2016 के तहत मामले दर्ज किए गए हैं। अब एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि इस कथित ठगी के पीछे कौन-कौन लोग हैं और उनका नेटवर्क कितने बड़े स्तर पर काम कर रहा था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *