12 चीनी और 5 फिलीपीनी नागरिक गिरफ्तार
युवतियों को काम पर रखकर हनी-ट्रैप का आरोप
इस मामले में सबसे चौंकाने वाला खुलासा हनी-ट्रैपिंग को लेकर हुआ है। अधिकारियों के मुताबिक, मामले के मुख्य संदिग्धों ने सोशल मीडिया के जरिए लोगों को अपने जाल में फंसाने के लिए 20 युवतियों को काम पर रखा था। हनी-ट्रैप में लोगों को प्यार या निजी बातचीत के बहाने फंसाकर उनसे पैसे ऐंठने या ब्लैकमेल करने की कोशिश की जाती है।
अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा के लोगों को भी बनाया निशाना
अधिकारियों का दावा है कि गिरफ्तार लोगों में 100 से ज्यादा ऐसे संदिग्ध हैं, जो कथित तौर पर ब्रिटेन, अमेरिका और कनाडा के लोगों के साथ वित्तीय धोखाधड़ी कर रहे थे। हालांकि, इन सभी आरोपों की पुष्टि जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी।
AI की मदद से साइबर अपराध पर लगेगी लगाम
NCCIA अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI से जुड़े संस्थानों के साथ मिलकर साइबर अपराधों की जांच को मजबूत करने पर काम कर रही है। छापेमारी में मिले मोबाइल, कंप्यूटर और दूसरे डिजिटल उपकरणों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। आरोपियों के खिलाफ पाकिस्तान के इलेक्ट्रॉनिक अपराध रोकथाम कानून, 2016 के तहत मामले दर्ज किए गए हैं। अब एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि इस कथित ठगी के पीछे कौन-कौन लोग हैं और उनका नेटवर्क कितने बड़े स्तर पर काम कर रहा था।

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