8 बल्लेबाजों को खिलाने की रणनीति पर सवाल
सुनील गावस्कर ने टीम इंडिया की उस रणनीति पर नाराजगी जताई है, जिसमें ज्यादा बल्लेबाजी के लिए प्लेइंग-11 में 8 बल्लेबाजों को जगह दी जा रही है। उनका मानना है कि ज्यादा बल्लेबाज खिलाने के चक्कर में टीम अपने गेंदबाजों की संख्या कम कर रही है, जिसका असर मैच के नतीजों पर पड़ रहा है। चौथे टी20 मैच में वेस्टइंडीज ने 247 रन बनाए थे। उस मुकाबले में भारत के पास मयंक यादव, अर्शदीप सिंह और प्रिंस यादव के रूप में सिर्फ तीन मुख्य गेंदबाज थे। बाकी ओवर ऑलराउंडर नितीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल और नमन धीर को करने पड़े।
गावस्कर ने बताया टीम इंडिया को क्या करना चाहिए
गावस्कर ने साफ कहा कि भारतीय टीम को हर हाल में अपनी प्लेइंग-11 में कम से कम चार मुख्य गेंदबाजों को शामिल करना चाहिए। उनके मुताबिक, पांचवें और छठे गेंदबाजी विकल्प के तौर पर ऐसे ऑलराउंडर होने चाहिए, जो बल्लेबाजी भी कर सकें। उन्होंने अक्षर पटेल और नमन धीर का उदाहरण देते हुए कहा कि हार्दिक पांड्या जैसा खिलाड़ी मिलना आसान नहीं है। इसलिए उनकी जगह किसी दूसरे खिलाड़ी को ढूंढने के बजाय टीम को उसकी अपनी खूबियों के हिसाब से मौका देना चाहिए।
श्रेयस अय्यर ने भी मानी गेंदबाजी की कमी
सीरीज के आखिरी मैच के बाद भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने भी गेंदबाजी में सुधार की जरूरत मानी। उन्होंने कहा कि दूसरे और चौथे मैच में बेहतर गेंदबाजी होती, तो नतीजा अलग हो सकता था। अय्यर ने वेस्टइंडीज की बल्लेबाजी की तारीफ करते हुए शाई होप के प्रदर्शन को भी शानदार बताया। अब सवाल यह है कि क्या टीम इंडिया आने वाले मुकाबलों में अपनी गेंदबाजी की रणनीति बदलेगी?

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