समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने राम मंदिर को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि वह अयोध्या में रामलला के दर्शन करने जरूर जाएंगे। अखिलेश ने बताया कि उन्होंने पहले जो संकल्प लिया था, उसके मुताबिक इटावा में केदारेश्वर धाम का काम पूरा होने के बाद वह राम मंदिर जाएंगे। इसके लिए उन्होंने पार्टी नेता पवन पांडे से तारीख और मुहूर्त निकलवाने को कहा है। अखिलेश ने कहा कि वह अपनी पार्टी के सभी विधायकों और सांसदों के साथ एक ही दिन रामलला के दर्शन करने पहुंचेंगे।
BJP के आरोपों पर अखिलेश का जवाब
दरअसल, अखिलेश यादव हाल ही में अयोध्या में पवन पांडे की ओर से आयोजित एक धार्मिक कार्यक्रम में शामिल हुए थे। इस दौरान बीजेपी ने आरोप लगाया था कि समाजवादी पार्टी के नेता रामलला के दर्शन करने नहीं गए। बीजेपी ने कारसेवकों की मौत का मुद्दा उठाते हुए सपा पर निशाना साधा था। अब अखिलेश के इस बयान को बीजेपी के आरोपों के जवाब के तौर पर भी देखा जा रहा है।
अयोध्या के लोगों के मुआवजे पर उठाए सवाल
अखिलेश यादव ने अयोध्या में विकास कार्यों को लेकर भी बीजेपी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि विकास परियोजनाओं के लिए जिन लोगों की जमीन, घर और दुकानें ली गईं, उन्हें बाजार के हिसाब से मुआवजा नहीं मिला। उनका आरोप है कि विकास के नाम पर स्थानीय लोगों को परेशानी उठानी पड़ी है।
2027 चुनाव में BJP को हराने का दावा
अखिलेश यादव ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में बीजेपी को फिर से हराने की तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा कि पार्टी का पूरा ध्यान चुनाव जीतने पर है और उम्मीदवारों का फैसला जीतने की संभावना के आधार पर होगा। साथ ही उन्होंने PDA यानी पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वर्गों के साथ खड़े रहने की बात दोहराई।
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एक्सप्रेसवे और इथेनॉल पर भी सरकार को घेरा
अखिलेश ने पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर गड्ढों की खबरों को लेकर सड़क की गुणवत्ता और रखरखाव पर सवाल उठाए। हाल ही में हुए एक हादसे के बाद सड़क सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई जा रही है। वहीं, पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने के मुद्दे पर उन्होंने सरकार से लोगों की चिंताओं पर ध्यान देने की मांग की।

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