International • October 14, 2026 • By Saloni Shiva

पाकिस्तान बना कर्जदार देशों के नए संगठन का अध्यक्ष, 34 देश हुए शामिल

Pakistan Leads 34-Nation Debt Forum
Pakistan Leads 34-Nation Debt Forum : दुनिया में कर्ज के बोझ से जूझ रहे देशों ने मिलकर एक नया मंच तैयार किया है। इस संगठन में कुल 34 देश शामिल हैं और खास बात यह है कि इसकी कमान पाकिस्तान को सौंपी गई है। संयुक्त राष्ट्र की संस्था UNCTAD के सहयोग से बने इस मंच का मकसद विकासशील देशों को कर्ज से जुड़ी समस्याओं पर एक साथ चर्चा करने और उनका समाधान खोजने का मौका देना है।

पाकिस्तान के वित्त मंत्री संभालेंगे जिम्मेदारी

थाईलैंड में हुई कर्जदार देशों की बैठक में पाकिस्तान को एक साल के लिए संगठन का अध्यक्ष चुना गया है। पाकिस्तान के वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब अब इस मंच की अगुवाई करेंगे। BBC उर्दू की रिपोर्ट के मुताबिक, अप्रैल 2026 में इस संगठन को बनाने की प्रक्रिया शुरू हुई थी। शुरुआत में मिस्र को अंतरिम अध्यक्ष बनाया गया था, लेकिन अब सभी देशों की सहमति से पाकिस्तान को यह जिम्मेदारी मिली है।

34 देशों में कौन-कौन शामिल?

UNCTAD के मुताबिक, इस मंच में पाकिस्तान और मिस्र के अलावा दक्षिण अफ्रीका, फिजी, सीरिया, सूडान, जाम्बिया, जिम्बाब्वे, मालदीव, मेडागास्कर, लेबनान, केन्या, जॉर्डन, घाना, इक्वाडोर, कांगो, भूटान और बारबाडोस समेत कुल 34 देश शामिल हैं। इन देशों का मकसद कर्ज के बेहतर प्रबंधन, आर्थिक सुधार और विकास परियोजनाओं के लिए नए विकल्प तलाशना है।

पाकिस्तान पर भी है भारी कर्ज

पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति भी कर्ज के दबाव से जूझ रही है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल 2026 में पाकिस्तान का कुल सार्वजनिक कर्ज करीब 81.4 लाख करोड़ पाकिस्तानी रुपये यानी 293 अरब डॉलर था। इसमें घरेलू और विदेशी, दोनों तरह का सरकारी कर्ज शामिल है।

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विकासशील देशों पर बढ़ रहा ब्याज का बोझ

UNCTAD के मुताबिक, साल 2025 में विकासशील देशों ने कर्ज पर करीब एक ट्रिलियन डॉलर का ब्याज चुकाया, जो 2010 के मुकाबले तीन गुना है। विकासशील देश सार्वजनिक कर्ज पर औसतन 5.2 प्रतिशत ब्याज दे रहे हैं, जबकि विकसित देशों के लिए यह दर 2.2 प्रतिशत है। रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 37 लाख लोग ऐसे देशों में रहते हैं, जहां कर्ज का ब्याज चुकाने पर स्वास्थ्य और शिक्षा से ज्यादा खर्च हो रहा है। ऐसे में देखना होगा कि पाकिस्तान की अध्यक्षता में बना यह मंच कर्ज के संकट से निपटने में कितना असरदार साबित होता है।

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