New Governors 2026 : देश के छह राज्यों में राज्यपालों को लेकर बड़ा बदलाव किया गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को छह नए राज्यपालों की नियुक्ति की। इस सूची में बीजेपी के कई अनुभवी नेताओं के नाम शामिल हैं, जबकि डॉ. सुधा यादव के रूप में एक महिला को भी राज्यपाल की जिम्मेदारी सौंपी गई है। ओम प्रकाश माथुर को केरल, राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर को तमिलनाडु, बृज मोहन राम को ओडिशा, डॉ. सुधा यादव को कर्नाटक, डॉ. ढाल सिंह बिसेन को उत्तराखंड और दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किया गया है।
कौन हैं डॉ. सुधा यादव?
सबसे पहले बात करते हैं डॉ. सुधा यादव की, जिन्हें कर्नाटक का नया राज्यपाल बनाया गया है। सुधा यादव बीजेपी की वरिष्ठ नेता हैं। उनका जन्म 16 अक्टूबर 1965 को हरियाणा के रेवाड़ी जिले में हुआ था। उन्होंने केमिस्ट्री में एमएससी और पीएचडी की पढ़ाई की है। साल 1999 में वह महेंद्रगढ़ से लोकसभा सांसद चुनी गई थीं और 2004 तक इस पद पर रहीं। इसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की सदस्य के रूप में काम किया। अगस्त 2022 में उन्हें बीजेपी के संसदीय बोर्ड में भी जगह मिली थी।
ओम प्रकाश माथुर को केरल की जिम्मेदारी
ओम प्रकाश माथुर बीजेपी के पुराने और अनुभवी नेताओं में गिने जाते हैं। उनका जन्म 2 जनवरी 1952 को राजस्थान के पाली जिले के बेडल गांव में हुआ था। उन्होंने राजस्थान विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन किया और पार्टी में कई अहम संगठनात्मक जिम्मेदारियां निभाईं। वह बीजेपी की केंद्रीय चुनाव समिति के सदस्य भी रहे। जुलाई 2024 में उन्होंने सिक्किम के राज्यपाल का पद संभाला था। अब उन्हें केरल का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है।
राजेंद्र अर्लेकर अब संभालेंगे तमिलनाडु
राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर को तमिलनाडु का राज्यपाल बनाया गया है। गोवा के पणजी में जन्मे अर्लेकर ने कॉमर्स की पढ़ाई की और 1989 में बीजेपी से जुड़े। वह गोवा बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष, विधानसभा अध्यक्ष और राज्य सरकार में मंत्री रह चुके हैं। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश और बिहार के राज्यपाल के तौर पर भी सेवाएं दे चुके हैं। जनवरी 2025 में उन्होंने केरल के राज्यपाल की जिम्मेदारी संभाली थी।
बृज मोहन राम बने ओडिशा के राज्यपाल
बीजेपी नेता बृज मोहन राम को ओडिशा का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। उनका जन्म 1 जनवरी 1958 को पलामू क्षेत्र में हुआ था, जो अब झारखंड में है। वह 1991 से 1995 तक बिहार विधानसभा के सदस्य रहे। इसके बाद 1996 से 2004 तक पलामू लोकसभा सीट का प्रतिनिधित्व किया। अब उन्हें राज्यपाल की नई जिम्मेदारी दी गई है।
ढाल सिंह बिसेन को उत्तराखंड, दुष्यंत गौतम को सिक्किम
मध्य प्रदेश के बीजेपी नेता डॉ. ढाल सिंह बिसेन को उत्तराखंड का राज्यपाल बनाया गया है। पेशे से डॉक्टर बिसेन चार बार मध्य प्रदेश विधानसभा के विधायक रहे और राज्य सरकार में मंत्री की जिम्मेदारी भी संभाली। साल 2019 में वह बालाघाट से लोकसभा सांसद चुने गए थे और 2024 तक इस पद पर रहे।
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वहीं, दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। वह बीजेपी के नेता और सामाजिक कार्यकर्ता हैं। उनका जुड़ाव बचपन से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी आरएसएस की गतिविधियों से रहा है। बाद में उन्होंने बीजेपी के संगठन और जनसंपर्क से जुड़े कई कामों में अहम भूमिका निभाई। मार्च 2026 में उन्हें स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया का सदस्य भी नियुक्त किया गया था।
छह नियुक्तियों पर रहेगी नजर
कुल मिलाकर, छह राज्यों में राज्यपालों की नई नियुक्तियों के साथ कई अनुभवी नेताओं को नई जिम्मेदारी मिली है। अब देखना होगा कि ये सभी नेता अपने-अपने राज्यों में किस तरह काम करते हैं और आने वाले समय में इन नियुक्तियों का राज्यों की राजनीति और प्रशासन पर क्या असर पड़ता है।

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