CJP संस्थापक अभिजीत दिपके को नोटिस
मार्च को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस की एक टीम CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके के रानी झांसी रोड स्थित आवास पर पहुंची। करीब 15 से 20 पुलिसकर्मियों ने उन्हें मार्च नहीं निकालने का नोटिस दिया। पुलिस का कहना है कि सेंट्रल पार्क के आसपास प्रतिबंध लागू हैं और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया है।
6 हजार से ज्यादा जवानों की तैनाती
CJP सदस्यों आशुतोष रांका और सौरव दास को तिरंगा फहराने के मामले में जेल भेजे जाने के आरोप के बाद अभिजीत दिपके ने इस मार्च का ऐलान किया था। मार्च को देखते हुए नई दिल्ली इलाके में 6 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। इसके अलावा केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल यानी CAPF की 220 कंपनियां, CCTV कैमरे और बैरिकेडिंग के जरिए निगरानी की जा रही है। कनॉट प्लेस, राजीव चौक, जंतर-मंतर और आसपास के संवेदनशील इलाकों में भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
दो दिनों के लिए बंद हुआ सेंट्रल पार्क
नई दिल्ली म्युनिसिपल काउंसिल यानी NDMC ने 16 और 17 अक्टूबर को सेंट्रल पार्क आम लोगों के लिए बंद रखने का फैसला किया है। इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर जल्द सुनवाई की मांग की गई, लेकिन कोर्ट ने तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया।
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सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की बेंच ने कहा कि सभी पक्षों को समझदारी से काम लेना चाहिए। कोर्ट ने छोटे दुकानदारों की आजीविका पर पड़ने वाले असर को भी अहम बताया। साथ ही संकेत दिया कि अगर सुरक्षा के नाम पर उठाए गए कदम जरूरत से ज्यादा सख्त पाए जाते हैं, तो कोर्ट हस्तक्षेप कर सकता है। अब सबकी नजरें CJP के मार्च और आगे होने वाली कानूनी कार्रवाई पर टिकी हैं।

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