बर्फबारी से पहले घुसपैठ की कोशिश?
दरअसल, सर्दियों में जम्मू-कश्मीर के ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी होती है। इसकी वजह से पहाड़ी रास्ते बंद हो जाते हैं और आतंकियों के लिए सीमा पार करना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में आशंका है कि पाकिस्तान की तरफ से LoC यानी नियंत्रण रेखा के पास बने लॉन्चपैड का इस्तेमाल कर घुसपैठ की कोशिशें तेज की जा सकती हैं। सुरक्षा एजेंसियां इस तरह की संभावित गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं।
LoC के साथ अंतरराष्ट्रीय सीमा पर भी अलर्ट
खतरा सिर्फ नियंत्रण रेखा तक सीमित नहीं है। खुफिया इनपुट के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय सीमा से भी घुसपैठ की कोशिशों को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है। बर्फबारी के बाद पहाड़ी रास्ते बंद होने पर घुसपैठ के दूसरे रास्तों का इस्तेमाल किए जाने की आशंका रहती है। इसी को देखते हुए सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत की जा रही है।
सेना और BSF की बढ़ी चौकसी
संभावित घुसपैठ को रोकने के लिए LoC पर भारतीय सेना को हाई अलर्ट पर रखा गया है। वहीं, अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा में तैनात BSF को भी निगरानी और घुसपैठ रोकने के अभियान तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। सीमा पर गश्त बढ़ाने और खुफिया जानकारी के आधार पर कार्रवाई करने पर जोर दिया जा रहा है।
सर्दियों से पहले सुरक्षा बलों की बड़ी चुनौती
कुल मिलाकर, बर्फबारी से पहले का समय सुरक्षा के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है। PoK में 500 आतंकियों की मौजूदगी का दावा सही साबित होता है, तो सीमा पर चुनौती बढ़ सकती है। अब सुरक्षा बलों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही है कि आतंकियों की किसी भी संभावित घुसपैठ की कोशिश को समय रहते नाकाम किया जाए।

[…] Jammu Kashmir में आतंकी घुसपैठ की आशंका, PoK में 500… […]
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