DUSU हार से राहुल गांधी नाराज! कन्हैया कुमार पर एक्शन की तैयारी?

DUSU हार से राहुल गांधी नाराज! कन्हैया कुमार पर एक्शन की तैयारी?

दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (DUSU) चुनाव 2026 में कांग्रेस की छात्र इकाई NSUI को बड़ा झटका लगा है। चारों केंद्रीय पदों पर NSUI के उम्मीदवारों को हार का सामना करना पड़ा। ABVP ने अध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव पद पर जीत दर्ज की, जबकि उपाध्यक्ष पद निर्दलीय उम्मीदवार और पूर्व NSUI सदस्य दीपांशु शौकीन ने जीता।

ABVP ने जीते तीन पद

ABVP के यश डबास अध्यक्ष, रिया छावड़ी सचिव और लक्ष्य राज सिंह संयुक्त सचिव चुने गए। वहीं दीपांशु शौकीन ने उपाध्यक्ष पद पर 30,615 वोट हासिल कर 13,705 वोटों के बड़े अंतर से जीत दर्ज की। इस चुनाव में कुल मतदान 40.46 प्रतिशत रहा।

NSUI की हार पर कांग्रेस में हलचल

चुनावी नतीजों के बाद कांग्रेस के भीतर NSUI की रणनीति को लेकर मंथन शुरू होने की खबर है। रिपोर्टों के मुताबिक, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल को DUSU चुनाव में NSUI की हार के कारणों की समीक्षा करने और जरूरी कार्रवाई को लेकर सुझाव देने के निर्देश दिए हैं।

उम्मीदवारों के चयन पर उठे सवाल

समीक्षा में उम्मीदवारों के चयन, चुनावी रणनीति और संगठन के स्तर पर लिए गए फैसलों को देखा जा सकता है। खास तौर पर दीपांशु शौकीन को टिकट नहीं मिलने का मामला चर्चा में है। दीपांशु ने बाद में निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा और उपाध्यक्ष पद पर बड़ी जीत दर्ज की।

दीपांशु की बगावत बनी बड़ा फैक्टर

दीपांशु शौकीन पहले NSUI से जुड़े रहे थे और इस बार टिकट नहीं मिलने के बाद निर्दलीय मैदान में उतरे। उनकी जीत ने NSUI के उम्मीदवार के चयन को लेकर सवाल और तेज कर दिए हैं। मीडिया रिपोर्टों में इसे NSUI की चुनावी रणनीति के प्रमुख मुद्दों में गिना जा रहा है।

कन्हैया कुमार और विनोद जाखड़ की रणनीति पर नजर

NSUI की हार के बाद संगठन के प्रभारी कन्हैया कुमार और राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ की रणनीति भी चर्चा के केंद्र में है। समीक्षा में पैनल तैयार करने, उम्मीदवारों के चयन और चुनाव के दौरान बागी उम्मीदवारों से निपटने जैसे मुद्दों को देखा जा सकता है। हालांकि, किसी नेता पर कार्रवाई को लेकर अभी कोई अंतिम फैसला सामने नहीं आया है।

कांग्रेस नेताओं की भूमिका भी जांच के दायरे में

रिपोर्टों के मुताबिक, दिल्ली और हरियाणा से जुड़े कांग्रेस नेताओं तथा NSUI के कुछ पूर्व पदाधिकारियों की भूमिका की भी समीक्षा हो सकती है। अधिकृत उम्मीदवारों के खिलाफ कथित गतिविधियों और संगठन के भीतर असंतोष से जुड़े पहलुओं को भी रिपोर्ट में शामिल किए जाने की बात कही जा रही है।

समीक्षा रिपोर्ट के बाद होगा फैसला

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि समीक्षा के बाद किसी नेता या पदाधिकारी पर कार्रवाई होगी या नहीं। पहले केसी वेणुगोपाल की रिपोर्ट सामने आने की बात कही जा रही है और उसके बाद आगे का फैसला लिया जाएगा। DUSU चुनाव में 2015 के बाद पहली बार NSUI केंद्रीय पैनल की एक भी सीट नहीं जीत सकी है, जिससे कांग्रेस के छात्र संगठन की चुनावी रणनीति पर सवाल और गहरे हुए हैं।