दिल्ली में 10 अक्टूबर को होने वाले प्रदर्शन से पहले रेलवे के फैसले ने यात्रियों की परेशानी बढ़ा दी है। खबरों के मुताबिक, 38 से ज्यादा ट्रेनों को रद्द करने का फैसला लिया गया है। इनमें संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस, पटना राजधानी और शिवगंगा एक्सप्रेस जैसी प्रमुख ट्रेनें भी शामिल हैं। बताया जा रहा है कि इस फैसले का असर बिहार, उत्तर प्रदेश और राजस्थान से दिल्ली आने वाले यात्रियों पर सबसे ज्यादा पड़ सकता है।
सुबह 4 बजे से दोपहर 2 बजे तक असर
रेलवे के मुताबिक, 10 अक्टूबर को सुबह 4 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन स्टेशन पहुंचने वाली कुछ ट्रेनों को रद्द किया जा रहा है। यात्रियों को मैसेज भेजकर इसकी जानकारी दी जा रही है। हालांकि, अब तक रद्द होने वाली ट्रेनों की संख्या को लेकर अलग-अलग आंकड़े सामने आए हैं। ऐसे में यात्रियों को अपनी ट्रेन का स्टेटस जरूर चेक करना चाहिए।
बिहार और यूपी से आने वाली ट्रेनों पर खास असर
रेलवे सूत्रों के मुताबिक, बिहार और उत्तर प्रदेश के रास्ते दिल्ली आने वाली कई ट्रेनों को गाजियाबाद और साहिबाबाद स्टेशन पर ही रोका जा सकता है। वहीं, जो लंबी दूरी की ट्रेनें पहले ही दिल्ली के लिए रवाना हो चुकी हैं, उन्हें आने देने की बात कही गई है। यानी आखिरी समय में सफर करने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
प्रदर्शन को लेकर सौरभ दास का बयान
ट्रेनों को रद्द किए जाने की खबर पर कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता सौरभ दास ने सोशल मीडिया पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा कि आखिर कितने दिनों तक ट्रेनों को रद्द किया जाएगा? सौरभ दास का कहना है कि लोगों को दिल्ली आने से रोका नहीं जा सकता। उन्होंने कोरोना काल का जिक्र करते हुए कहा कि जब गाड़ियां बंद थीं, तब भी लोग पैदल निकल पड़े थे और इस बार भी लोग दिल्ली पहुंचने का रास्ता निकाल लेंगे।
यात्रियों के लिए जरूरी बात
फिलहाल यात्रियों को सलाह है कि स्टेशन जाने से पहले रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट या NTES ऐप पर अपनी ट्रेन की स्थिति जरूर जांच लें। क्योंकि ट्रेनों के रद्द होने और उनके रूट में बदलाव से जुड़ी जानकारी में आगे भी बदलाव हो सकता है।

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