चुनाव आयोग और वोटर लिस्ट में कथित गड़बड़ियों को लेकर विपक्ष ने अब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का दरवाजा खटखटाया है। INDIA गठबंधन के 10 नेताओं ने राष्ट्रपति से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इसके साथ ही विपक्ष ने EVM की जगह बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग भी उठाई है।
राहुल गांधी का बड़ा दावा
राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने ऐसा बयान दिया, जिसने इस पूरे मामले को फिर चर्चा में ला दिया। राहुल गांधी ने दावा किया कि राष्ट्रपति ने उनकी बात सुनी और वोट चोरी से जुड़े सबूत भी मांगे। राहुल ने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि राष्ट्रपति वोट चोरी के आरोपों को खारिज कर देंगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। हालांकि, राष्ट्रपति की ओर से इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि सामने आना जरूरी है।
पीएम मोदी, अमित शाह और ज्ञानेश कुमार पर लगाए आरोप
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भी आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि विपक्ष इस मुद्दे को आगे भी उठाएगा और सोमवार को मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट को ज्ञापन सौंपेगा। राहुल का दावा है कि वोटर लिस्ट और चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ियों को लेकर विपक्ष के पास सबूत हैं।
खरगे ने क्या बताया?
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि राष्ट्रपति ने विपक्ष की बातें ध्यान से सुनीं। उनके मुताबिक, राष्ट्रपति ने मामले में उचित कदम उठाने और संबंधित पक्षों से सलाह लेने की बात कही है। खरगे ने यह भी कहा कि विपक्ष सबूत जुटाकर राष्ट्रपति को सौंपेगा। विपक्ष ने चुनाव में EVM की जगह बैलेट पेपर इस्तेमाल करने की मांग भी दोहराई।
ममता बनर्जी ने क्या कहा?
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मुलाकात के बाद सकारात्मक प्रतिक्रिया की उम्मीद जताई। उन्होंने कहा कि INDIA गठबंधन एकजुट है और लोकतंत्र की रक्षा के लिए अपनी आवाज उठाता रहेगा। ममता ने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर मामले से जुड़े और तथ्य व सबूत दिए जाएंगे।
मेट्रो स्टेशन बंद होने पर भड़कीं प्रियंका गांधी
उधर, दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान मेट्रो स्टेशन बंद किए जाने पर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने भी नाराजगी जताई। उन्होंने इस फैसले की आलोचना करते हुए कहा, “इसको डर कहते हैं, इसको कायरता कहते हैं, इसको भय कहते हैं।”
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अब आगे क्या होगा?
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि विपक्ष जिन गड़बड़ियों का आरोप लगा रहा है, उनके समर्थन में क्या सबूत सामने आते हैं और चुनाव आयोग इन आरोपों पर क्या जवाब देता है। सुप्रीम कोर्ट को ज्ञापन सौंपने और राष्ट्रपति को सबूत देने की विपक्ष की बात के बीच, आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस और तेज हो सकती है।

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